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अफगानिस्तान में तेजी से बदलते हालात राष्ट्र की चिंता बढ़ाने वाले हैं। समय समय पर आ रहे अफगानी प्रवक्ताओं के नए नए बयान बता रहे हैं कि भरोसे के लायक बिल्कुल भी नहीं है तालिबान। साफ जाहिर हो रहा है कि तालिबान पाकिस्तान और चीन के चक्कर में फंसा है। उसकी जुबान से निकलने वाली हर बात...
कोरोना महामारी के बीच एक बार फिर नैतिकता पर बहस तेज होती जा रही है। दुनिया में एक ओर जहां कमजोर और आर्थिक रूप से पिछड़े हुए देश कोरोना वैक्सीन जुटाने में पस्त हुए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका और ब्रिटेन जैसे विकसित देश अपने नागरिकों को कोरोना वैक्सीन की बूस्टर डोज देने की तैयारी...
सालों के इंतजार के बाद 800 मी. का सड़क सुख दिल्ली से नोएडा जाना सुनने में बेहद सामान्य सी बात लगती है। लेकिन सरकारों की सुस्ती और नासमझी जनता के जीवन में कितनी बड़ी परेशानी, कितने सालों तक के लिए खड़ी सकती है, आम जनता इसकी कल्पना भी नहीं कर सकती। कोई बड़ा प्रोजेक्ट...
दिल्ली सरकार अपनी शिक्षा नीति को और बेहतर और व्यापक आयाम देने के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रही है। जिसका नाम है- ‘देश के मेंटर’, इस कार्यक्रम के तहत सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को देश के सफल और सक्षम लोगों से जोड़ने का काम किया जाएगा। ये लोग बच्चों को उनकी...
बताते चलें..उत्तर पश्चिमी दिल्ली के सांसद हैं हंसराज हंस और उत्तर पूर्वी दिल्ली के सांसद हैं मनोज तिवारी। केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी का पोस्ट देखा, जिसमें उन्होंने लिखा है कि किराड़ी विधानसभा क्षेत्र की बदहाल सड़कें, खुली नालियां, कूड़े के ढेर और गंदी गलियों की समस्या के स्थाई समाधान के लिए शहरी...
बात कह कौन रहा है इससे उस बात की अहमियत बहुत ज्यादा हो जाती है, उसके प्रभाव का दायरा भी बहुत बड़ा हो जाता है। हिन्दू मुस्लिम वाली लाइन खींच कर लड़ने का चलन जब देश में चरम पर हो, उस दौर में जो कुछ नीरज चोपड़ा कहते नजर आए, निराश दिल में उम्मीद जगा गए कि...
कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी से हुई मौत का मामला देश और दिल्ली के राजनेताओं के लिए उस अटकी सांस की तरह है जिसे अंदर लेना और छोड़ना दोनों ही जानलेवा साबित हो सकता है। जाने अनजाने में उनसे हुआ ये अपराध इतनी आसानी से पीछा नहीं छोड़ने वाला। खुले शब्दों में इसे...
जनता का समर्थन पाने के चक्कर में केंद्रीय मंत्री नारायण राणे की जुबान क्या फिसली हंगामा हो गया। इतना ही तो कहा कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को स्वतंत्रता के साल को लेकर कन्फ्यूजन की बात अगर वे सामने से सुनते तो तभी सीएम को थप्पड़ लगा देते। बात तो ये भी ठीक नहीं कही जा सकती, लेकिन...
अभी अभी की बात है दिल्ली सरकार लोगों के घर तक राशन पहुंचाने के लिए संघर्षरत दिख रही थी। केंद्र सरकार से सीधी टक्कर ले रही थी। ऐसा लगने लगा था कि अगर देश में गरीबों की सबसे बड़ी हितैषी कोई है तो वो सिर्फ और सिर्फ आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार है। लेकिन अगस्त में...
मध्यम वर्ग का महत्व समझिए अफगानिस्तान की अस्थिरता की सबसे बड़ी वजह है वहां की सामाजिक संरचना में मध्यम वर्ग की बेहद सीमित और कमजोर उपस्थिति। वहां या तो उपर वाला बहुत धनी तबका है या फिर नीचे मेहनत मजदूरी करने वाले लोग। बीच में मध्यम वर्ग की मौजूदगी नगण्य सी है। धनी लोगों...

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