डॉक्टरों की सैलरी पर रार बरकरार

निगम के अस्पतालों में काम कर रहे डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को सैलरी नहीं दिए जाने का मुद्दा अभी शांत होता नहीं दिख रहा। हार्ईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत होने की बजाए दोनो दलों के बीच सियासी संघर्ष अधिक बढ़ने के आसार बन रहे हैं। कुछ ही दिनों पहले आम आदमी पार्टी ने एमसीडी के अस्पतालों में काम कर रहे डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के वेतन न मिलने के मामले में बीजेपी को बड़े आंदोलन की धमकी दी थी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। इस मसले पर हाईकोर्ट के स्वत: संज्ञान लेने से मामला बेहद पेचीदा हो गया है। हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा है कि डॉक्टरों की सैलरी के लिए निगम को आठ करोड़ रूपए 15 दिनों के अंदर दे। इस बात का ध्यान रखा जाए कि कागजी कार्रवाई के नाम पर किसी भी तरह का विलंब नहीं होना चाहिए। निगम भी यह अच्छी तरह सुनिश्चित करे कि यह पैसा निगम के द्वारा संचालित छह अस्पतालों में रेजीडेंट डॉक्टरों के पारिश्रमिक के भुगतान करने के लिए ही होनी चाहिए। हाई कोर्ट ने चेतावनी भी दी है कि औपचारिकताएं पूरी नहीं करने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ ठोस दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

वही दूसरी तरफ नॉर्थ एमसीडी के सदन के नेता योगेश कुमार ने नगर निगमों में कथित भ्रष्टाचार का मामला उठाने पर आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा और आतिशी पर एक करोड़ के मानहानि का नोटिस भेजा है।

हालांकि आम आदमी पार्टी ने इस मसले पर फिर से बीजेपी पर हमला बोला है और कहा है कि एमसीडी में भ्रष्टाचार का मामला न उठाया जा सके इसलिए ही बीजेपी ने राघव चड्ढ़ा और आतिशी पर मान हानि का नोटिस भेजा है।

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