समझ में नहीं आ रहा कि स्थापित संवैधानिक व्यवस्था के तहत सरकार कानून बनाए जा रही है, लेकिन समाज के जिस तबके के लिए बना रही है वो तबका उसे मान ही नहीं रहा है। या कहें कि सरकार उस नियम कानून का पालन समाज के उस वर्ग विशेष से करवा ही नहीं पा रही है। ये...
कोरोना की तीसरी लहर की संभावना व्यक्त की जा रही है। बताया जा रहा है कि 6 से 8 हफ्ते के बाद कोरोना की तीसरी लहर आ सकती है। इसे लेकर सरकारें अपनी तैयारियों के बारे में बता रही हैं। लेकिन कोरोना के अभी तक के अनुभव, विशेषकर दूसरी लहर के दौरान हम सब सरकारी व्यवस्था को...
इसी देश के थे, ज्यादातर देश के सबसे बड़े, प्रधान पद पर पहला दावा ठोकने वाले सूबे के थे जो कोरोना की दूसरी लहर का सामना नहीं कर सके, जान गंवा दिए, गंगा में बहा दिए गए, नदी किनारे पर बस यूं हीं दफना दिए गए। सही शब्दों में कहा जाए तो सूबे का सरकारी सिस्टम जिन्हें...
बदलते मौसम के साथ मच्छर से होने वाली बिमारियों का खतरा बढ़ रहा है। यूं तो बाजार में मच्छर मारने वाली कई दवाईयां उपलब्ध हैं लेकिन उनकी महक व स्पर्श से स्वास्थ्य संबंधि खतरा बना रहता है। मच्छरों से मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, आदि कई बीमारियां फैलती हैं। क्यों ने इनसे लड़ने के लिए हम घर में मौजूद...
आइए अपने सांसों के लिए आंदोलन करते हैं !
पर्यावरण दिवस के मौके पर आपने दिल्ली के कई नेताओं को पौधा लगाते हुए देखा होगा, पर्यावरण पर बड़ी-बड़ी बातें और वादें करते देखे होंगे, लेकिन मान कर चलिए, ये बस झूठी बयानबाजी है, या महज खानापूर्ति है और कुछ नहीं। क्योंकि वो दिल्ली के...
बहुत दिनों के बाद पिछले 24 घंटे के आंकड़ें राहत देने वाले आए हैं। कोरोना संक्रमण के 946 नए केस मिले। ऐसा 22 मार्च के बाद पहली बार हुआ है, संक्रमितों की संख्या एक हजार के नीचे रही। 22 मार्च के दिन दिल्ली में 888 नए मरीज मिले थे। संक्रमण की दर घटकर 1.25 प्रतिशत रह गई...
क्यों हार रहा भारत ?
दो बातें हैं दुनिया और भारत से जुड़ी जिस पर मंथन चल रहा है, जांच जारी है। सोचने वाली बात है कि अगर ये बातें सही साबित हो जाए तो क्या होगा..कितना बदल जाएगा विश्व और कितनी बदल जाएगी देश की सियासत, कितनी फजीहत होगी हमारे देश के उन...
एक प्रतिशत अब और नहीं
अयोध्या में राम मंदिर बनेगा ऐसा कुछ साल पहले तक अंसभव सा लगता था। इसकी आवश्यकता पर बहस अब निरर्थक ही है। जिस देश में सबसे बड़े आराध्य श्री राम रहे, आध्यात्मिक और धार्मिक पहचान सदियों से जिनसे आयाम पाती रही, उस देश में लंबे समय से उनके भौतिक...
कोरोना महामारी है, इसमें किसी को कोई संशय कम से कम से अब तो नहीं होना चाहिए। दिल्ली की सड़कों पर, विशेषकर मुहल्लों और सोसाइटीज के अंदर जैसा सन्नाटा इस बार के लगातार बढ़ते लॉकडाउन में देखने को मिल रहा है वैसा पिछले बार बिल्कुल नहीं था। पिछले पच्चीस दिनों में दिल्ली ने जो देखा, झेला शायद...
हमने सुना था या फिर सिर्फ किताबों में पढ़ा था कि देश में अकाल पड़ता था..महामारी आती थी..लाखों लोग मर जाते थे। एक आंकड़ा बताता है कि 1854 से 1901 के बीच 2 करोड़ 88 लाख 25 हजार से अधिक लोग देश में अकाल की वजह से मरे। केवल 1896-97 के अकाल में करीब 45 लाख लोग...