नंदीग्राम से ममता बनर्जी की हार अब तो ये साबित करने के लिए काफी है कि जिस तरह से उन्होंने अपनी चोट का सियासी इस्तेमाल किया वो महज छलावा ही था जिसकी गिरफ्त में सूबे की सारी जनता आ गई। लेकिन सच्चाई तो नंदीग्राम की जनता को पता थी, और यही ममता बनर्जी की हार की वजह...
रोहित सरदाना का चला जाना निसंदेह दुख का विषय है। देश के मीडिया जगत में शोक की लहर है। मेरी पहचान में कई लोग ऐसे हैं जिन्होंने उनके साथ काम किया था। सब ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त की। लेकिन कुछ अभिव्यक्ति पर खासा विवाद देखने को मिला। जिसमें सबसे मुख्य रही मुकेश जी की प्रतिक्रिया। उन्होंने बताया...
देश की राजधानी दिल्ली, जहां केन्द्र सरकार के सारे मंत्री और अधिकारी बैठे हैं, जो देश चलाने का दावा करते हैं। दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार है जो देश में एक नए किस्म की राजनीति का वादा कर के सत्ता में आई थी। काफी सक्षम और शिक्षित सियासी तबका है दिल्ली के पास के। बावजूद...
हाथ बांधे खुद में सिमटा रहा..राजनीति से दूर..व्यवस्था को नजरअंदाज करता रहा। अपनी जरूरतों को अपनी जिम्मेदारी समझ बस बढ़ता रहा। मेहनत करता रहा..पहले बस पढ़ता रहा..सरकार ने जो सिलेबस तैयार कर दिया था, बस उसे पूरा करता रहा..पहले परिवार को अपने लिए मेहनत करते देखता रहा..फिर दौर ऐसा भी आया कि खुद को परिवार के लिए...
हैरानी होती है कैसे महामारी के इस महासंकट काल में भी किसी को सियासत सूझ सकती है। जबकि बिना भेदभाव के कोरोना का ये नया संस्करण संहार की मुद्रा में दिख रहा है। बड़ा हो या छोटा, प्रभावशाली हो या, आम इंसान, कोई भी, कभी भी इसकी चपेट में आ जा रहा है। हालात दिनोंदिन बद से...
भारतीय राष्ट्रवाद और हिन्दुत्व का परचम देश मे ही नहीं विदेशों में भी लहरा रहा है। वहां भी लोग बड़ी ही मुखरता से अपने राष्ट्रीय और सांस्कृतिक गौरव की लड़ाई लड़ रहे हैं। और अब उसका प्रभाव भी दिखने लगा है। तभी तो अमेरिका के सिप्सन कॉमिक सीरीज के इंडियन किरदार अपु के लिए उसके पीछे के...
दिल्ली के अवैध बाजार बढ़ा रहे कोरोना
दिल्ली में कोरोना के मामले 10 हजार के पार जा चुके हैं। और इसी के साथ केन्द्र सरकार और दिल्ली सरकार की तकरार बढ़ गई है। ये होता रहा है और फिर हो रहा है। जब भी दिल्ली पर संकट गहराता है, दिल्ली सरकार ‘राग केंद्र’ शुरू...
#Young@40
कहते हैं कि आजकल चालीस वालों का ही जमाना है। चाहे फिल्म इंडस्ट्री को देख लीजिए या फिर राजनीति या बिजनेस की दुनिया, हर तरफ चालीस वर्ष की उम्र वालों की हीं चर्चा है। वही लीड कर रहे हैं। आज की तारीख में किसी भी क्षेत्र में जिस तरह की प्रतिस्पर्धा का...
एक आसमानी मुलाकात हरबर्ट एवरेस्ट और हैरी जेनिंग के साथ !
बहुत नाराज हो रहे थे। बहुत समझाया मान ही नहीं रहे थे। कहने लगे, ये चल क्या रहा है इंडिया में.. हमारे काम को बदनाम इधर इंडिया वाले कर रहे हैं, उधर गालियां हमें पड़ रही हैं। स्वर्ग लोक वाले सोशल मीडिया...
विपक्ष की सार्थक भूमिका निभा रहा था जनसंघ - त्रेहन
साल 1970-71 की बात है, उस समय दिल्ली के कनॉट प्लेस में रीगल बिल्डिंग के पास, आज जहां खादी का बड़ा शोरूम है वहां पर देश के अलग अलग प्रांतों से जनसंघ के जत्थे आया करते थे, वे वहां से संसद मार्ग की तरफ...